प्रश्न 1:
(क) तरह-तरह के बादलों के चित्र बनाओ।
काले-काले डरावने |
गुब्बारे-से गालों वाले |
हल्के-फुल्के सुहाने |
उत्तर :
(क) छात्र इसे स्वयं करें। इस प्रकार से चित्र बनाएँ-
काले-काले डरावने |
गुब्बारे-से गालों वाले |
हल्के-फुल्के सुहाने |
(ख) कविता में बादलों को ‘भोला’ कहा गया है। इसके अलावा बादलों के लिए और कौन-कौन से शब्दों का इस्तेमाल किया गया है? नीचे लिखे अधूरे शब्दों को पूरा करो।
म ……………… ज़ि ………………….
शै …………….. तू ………………….
उत्तर–
मतवाले ज़िद्दी
शैतानी तूफ़ानी
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प्रश्न 1:
कुछ अपने थैलों से चुपके
झर-झर-झर बरसाते पानी
पानी के बरसने की आवाज़ है झर-झर-झर!
पानी बरसने की कुछ और आवाज़ें लिखो।
………………………….. | ………………………….. |
………………………….. | ………………………….. |
………………………….. | ………………………….. |
उत्तर :
टप-टप-टप | टिप-टिप-टिप |
रिम-झिम | छम-छम-छम |
छप-छप-छप | चट-चट-चट |
प्रश्न 1:
बादलों की तरह पेड़ भी अलग-अलग आकार के होते हैं। कोई बरगद-सा फैला हुआ और कोई नारियल के पेड़ जैसा ऊँचा और सीधा।
अपने आसपास अलग-अलग तरह के पेड़ देखो। तुम्हें उनमें कौन-कौन से आकार दिखाई देते हैं? सब मिलकर पेड़ों पर एक कविता भी तैयार करो।
उत्तर :
छात्र ऐसे स्वयं कर सकते हैं-
जैसे –
लम्बा पेड़, छोटा पेड़
पतला पेड़, मोटा पेड़
खाना पकाने को लकड़ी देता,
हमें प्यारा पेड़।
ऊँचा पेड़, नीचा पेड़
सूखा पेड़, हरा पेड़
गर्मी में छाया देता, अच्छा पेड़, प्यारा पेड़।
प्यारा पेड़, न्यारा पेड़
सबका पेड़, हमारा पेड़
अच्छे-अच्छे फल देता।
हम सबका है, साथी है पेड़।
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