30. व्याकरण हिन्दी || 01.02 मात्राएँ और उनके चिन्ह


1.1 मात्राएँ और उनके चिन्ह
1.1 मात्राएँ और उनके चिन्ह

मात्राएँ - स्वरों के बदले हुए स्वरूप को मात्रा कहते हैं स्वरों की मात्राएँ निम्नलिखित हैं:

स्वर मात्राएँ शब्द

अ = ×

आ =  ा

इ =  ि

ई =  ी

उ =  ु

ऊ =  ू

ऋ =  ृ

ए =  े

ऐ =  ै

ओ =  ो

औ =  ौ

अं  = ं

अं:  = :

हलंत  - जब कभी व्यंजन का प्रयोग स्वर से रहित किया जाता है तब उसके नीचे एक तिरछी रेखा (्) लगा दी जाती है। यह रेखा हलरेखा या हलंत कहलाती है। हल-युक्त व्यंजन अर्थात हलंत वर्ण कहलाता है। मूल व्यंजन वर्ण (स्वर) की कोई मात्रा नहीं होती। परंतु व्यंजनों का अपना स्वरूप नहीं होता हैं, इसलिए व्यंजनों के नीचे (हल) का चिह्न लगा दिया जाता है।

क् च् छ् ज् झ् त् थ् ध् आदि।

अ लगने पर व्यंजनों के नीचे का (हल) चिह्न हट जाता है। तब ये इस प्रकार लिखे जाते हैं:
क, च, छ, ज, झ, त, थ, ध,।

मात्राओं का उपयोग इस प्रकार होता है।
क्, का, कि, की, कु, कू, के, कै, को, कौ, कं, क: आदि।

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